वेदांता में STEM भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी 35% से अधिक, 50% भर्ती का लक्ष्य
नई दिल्ली, 10 फरवरी 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस (11 फरवरी) के अवसर पर वेदांता लिमिटेड ने घोषणा की है कि कंपनी की STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) से जुड़ी फ्रेशर भर्तियों में महिलाओं की भागीदारी 35% से अधिक हो चुकी है। नेतृत्व और प्रबंधन स्तर को मिलाकर यह आंकड़ा 45% तक पहुंच गया है। वेदांता ने इस वर्ष से STEM भूमिकाओं में 50% महिलाओं की भर्ती का लक्ष्य रखा है। यह उपलब्धि धातु, खनन, विनिर्माण और ऊर्जा जैसे पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस 2026 की थीम…विज्ञान और नवाचार में लैंगिक समानता को तेज़ करने के अनुरूप यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब भारत में STEM स्नातकों में महिलाओं की संख्या 40-45% होने के बावजूद वैश्विक STEM कार्यबल में उनकी भागीदारी 30% से भी कम है। खनन और धातु क्षेत्र में महिलाओं की नई भूमिकापिछले कुछ वर्षों में वेदांता ने महिलाओं की भागीदारी को लेकर कई ऐतिहासिक पहल की हैं। कंपनी भारत की पहली ऐसी कंपनियों में शामिल है जिसने महिलाओं को भूमिगत खनन में कार्य करने, रात्रि पाली में काम करने और ऑल-वूमन एल्यूमिनियम उत्पादन लाइन जैसी पहलें शुरू की हैं। वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रियंका अग्रवाल हेब्बार ने कहा,“विज्ञान और तकनीक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। वेदांता में हम मानते हैं कि जब प्रतिभा को समान अवसर मिलते हैं, तभी सच्ची प्रगति होती है। जब लड़कियां इन क्षेत्रों में अवसर देखती हैं, तो वे केवल STEM नहीं चुनतीं, बल्कि नेतृत्व भी चुनती हैं।” डिजिटल तकनीक से बढ़ी समावेशिताडिजिटल ऑटोमेशन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों के कारण खनन और धातु उद्योग में कार्यस्थल अधिक सुरक्षित और समावेशी बने हैं। इससे महिलाओं के लिए रात्रि पाली और तकनीकी भूमिकाओं में समान अवसर संभव हो सके हैं। हर जीवन चरण में महिलाओं का सहयोगवेदांता महिलाओं के करियर को हर चरण में सहयोग देने के लिए कई नीतियां चला रही है, जिनमें ऑल-वूमन इंजीनियरिंग कॉलेजों से भर्ती, नेतृत्व विकास कार्यक्रम, चाइल्डकेयर सबैटिकल, स्पाउस हायरिंग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष वर्क-फ्रॉम-होम दिवस शामिल हैं। जमीनी स्तर पर सफलता की कहानियांओडिशा और राजस्थान में वेदांता की इकाइयों में कार्यरत महिला भूवैज्ञानिक और वैज्ञानिक न केवल उत्पादन और गुणवत्ता सुधार में योगदान दे रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल नवाचार में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। समाज में भविष्य की वैज्ञानिक तैयार करने की पहलवेदांता अपने सामाजिक प्रभाव कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान और तकनीक में भविष्य की महिला प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2021 से अब तक 50,000 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं तक STEM आधारित शिक्षा कार्यक्रम पहुंच चुके हैं। वेदांता लिमिटेड के बारे मेंवेदांता लिमिटेड धातु, तेल एवं गैस, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनियों में से एक है। कंपनी भारत सहित कई देशों में अपने परिचालन के माध्यम से औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा दे रही है।
चास नगर निगम चुनाव: बदलाव की हुंकार,
बिनोद कुमार के समर्थन में जनसंपर्क अभियान तेज बोकारो।चास नगर निगम चुनाव को लेकर पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी को लेकर आम जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में मेयर प्रत्याशी बिनोद कुमार के छोटे भाई रंजीत कुमार ने चीराचास स्थित आवासीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी मुद्दों और भावी योजनाओं को जनता के समक्ष रखा।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रंजीत कुमार ने कहा कि आज चास नगर निगम क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। समय पर न तो पानी की आपूर्ति हो रही है, न ही बिजली और सफाई व्यवस्था संतोषजनक है। लोग नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स जमा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की ओर से ठोस सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हर वार्ड में सड़क, नाली और कचरा निस्तारण की समस्या विकराल रूप ले चुकी है।उन्होंने कहा कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में, जब पूरा शहर घरों में कैद था, उस दौर में बिनोद कुमार लगातार समाज के बीच सक्रिय रहे। जरूरतमंदों तक राशन, पानी, ऑक्सीजन मास्क, गैस सिलेंडर समेत हर संभव सहायता पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि संकट की उस घड़ी में भी बिनोद कुमार ने जनता का हाथ नहीं छोड़ा और जमीन पर उतरकर सेवा की मिसाल पेश की।रंजीत कुमार ने भरोसा दिलाया कि यदि बिनोद कुमार मेयर का चुनाव जीतते हैं, तो एक वर्ष के भीतर चास में स्मार्ट सिटी की दिशा में ठोस और दिखने वाले बदलाव होंगे। साथ ही नगर निगम में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज निगम कर्मियों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार हड़ताल करनी पड़ती है, लेकिन बिनोद कुमार की जीत के बाद किसी भी कर्मचारी को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—“अगर सिस्टम में बदलाव चाहिए, तो सिस्टम का हिस्सा बनना होगा। केवल दोष देने से नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर बदलाव लाना होगा।”जनता से भावुक अपील करते हुए रंजीत कुमार ने कहा—“यह चुनाव सिर्फ बिनोद कुमार नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि चास की जनता खुद यह चुनाव लड़ रही है। मैं आप सभी से अपील करता हूँ कि आप अपने-अपने मोहल्लों में जाएं, पड़ोसियों से संवाद करें, सच्चाई बताएं और बदलाव की इस लड़ाई को मजबूती दें। यह केवल वोट का नहीं, बल्कि चास के भविष्य का चुनाव है।”इधर, नगर निगम चुनाव को लेकर सभी प्रत्याशी प्रचार अभियान में जुट गए हैं। मेयर प्रत्याशी बिनोद कुमार के समर्थन में रंजीत कुमार ने समर्थकों के साथ नगर निगम के सभी वार्डों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। वे घर-घर जाकर लोगों से बिनोद कुमार को आशीर्वाद देने और चास के विकास के लिए मजबूत नेतृत्व चुनने की अपील कर रहे हैं।प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से लक्ष्मीनारायण यादव, संजीत पोल्टा, कमलेश कुमार, गणेश गुप्ता, भरत छात्रवाल, काली आचार्या, कार्तिक बाउरी, सोनू कुमार, जय यादव, राकेश कुमार, बनू यादव, आनंद ठाकुर, प्रहलाद शर्मा, रमेश मांझी, राहुल, खीरू बाउरी, दीपक डोम, धीरज शर्मा, बलराम कुमार, संगम, चित्तरंजन कुमार, सुनील कुमार, संजय चौधरी, रंजन सिंह, शैलेंद्र कुमार, रामचंद्र केसरी, धर्मेंद्र कुमार, पवन कुमार, देवेंद्र तुरी, रितेश कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
परीक्षा पे चर्चा 2026 : पीएम मोदी से डीपीएस बोकारो के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के गुर
बोकारो : डीपीएस बोकारो के विद्यार्थी शुक्रवार को देश के दूरद्रष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधित की गई परीक्षा पे चर्चा 2026 के लाइव सेशन का साक्षी बने। विद्यालय के कालिदास कला भवन के साथ-साथ विभिन्न कक्षाओं में भी चलाए जा रहे लाइव शो को देखते हुए बच्चों ने परीक्षा के साथ-साथ जीवन में भी कामयाबी का मंत्र सीखा। छात्र-छात्राओं ने तनावमुक्त होकर एवं आनंदयुक्त वातावरण में परीक्षा देने के कई गुर सीखे। प्रधानमंत्री के साथ इस इंटरैक्टिव सेशन में बच्चों ने खास तौर से परीक्षा की तैयारी के पैटर्न में समयानुसार बदलाव लाने, लेसन का बोझ न बने, इसके लिए सेल्फ स्टडी की मदद से शिक्षकों से एक कदम आगे निकलने, संपूर्ण सिलेबस की पढ़ाई, खेल और पढ़ाई में संतुलन, शिक्षा को जीवन बनाने का माध्यम समझने, समय-प्रबंधन, जीवन-कौशल सहित कई महत्वपूर्ण टिप्स सीखे। विद्यार्थियों ने सदैव सकारात्मक बने रहने, घबराहट से बचने के उपायों, आत्मविश्वास की भावना जागृत करने जैसी पीएम मोदी की बातों को काफी प्रेरणाप्रद बताया और वे इनसे काफी प्रभावित हुए। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए एस गंगवार ने परीक्षा पे चर्चा को प्रधानमंत्री श्री मोदी की ऐतिहासिक पहल बताते हुए छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा के दिनों में एक अतुलनीय संजीवनी बताया। उन्होंने कहा कि बच्चे जब तनावमुक्त होकर आनंदपूर्ण वातावरण में परीक्षा देंगे, तो निश्चय ही वे अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों से राज्यपाल का संवाद,
उत्कृष्टता को लक्ष्य बनाने का आह्वान बोकारो। शुक्रवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रामरुद्र सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, चास, बोकारो में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। जब विद्यालय के नाम में ही ‘एक्सीलेंस’ निहित है, तो विद्यार्थियों का लक्ष्य भी हर परिस्थिति में उत्कृष्टता प्राप्त करना होना चाहिए।राज्यपाल महोदय ने कहा कि विद्यार्थियों से न केवल उनके अभिभावकों, बल्कि पूरे समाज को बड़ी अपेक्षाएँ हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा समय के महत्व को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सीखी गई छोटी-छोटी आदतें—जैसे समय पर आना, नियमित अभ्यास करना और अनुशासन बनाए रखना—आगे चलकर जीवन में सफलता की मजबूत आधारशिला बनती हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सपने वे नहीं होते जो नींद में देखे जाते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो उन्हें पूरा किए बिना सोने नहीं देते। उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, आत्मविश्वास, परिश्रम और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने तथा अध्ययन एवं आत्म-विकास पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी।राज्यपाल महोदय ने अपने संघर्षशील जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि जब वे दो वर्ष के भी नहीं थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और आज जो भी हैं, उसमें उनकी माता के आशीर्वाद और संघर्ष का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियाँ भी व्यक्ति को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं, यदि उसके भीतर दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो।संवाद के क्रम में उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से एकाग्र होकर पढ़ाई करने का संदेश देते हुए कहा कि अनावश्यक विषयों में ध्यान भटकाना स्वयं के साथ अन्याय करने जैसा है।राज्यपाल महोदय ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का मूल आधार उसकी शिक्षा प्रणाली होती है। राज्य में बारहवीं तक की शिक्षा की स्थिति अच्छी है, किंतु उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभी और सुधार की आवश्यकता है, जिस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के त्याग को स्मरण रखने तथा शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया। अंत में राज्यपाल महोदय ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो, तो वे उन्हें पत्र लिखकर अवगत करा सकते हैं।
बोकारो में टाटा पावर ने पेश किए ईज़ी होम ऑटोमेशन सॉल्यूशंस,
स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल जीवनशैली को मिला बढ़ावा बोकारो : भारत की अग्रणी एकीकृत पावर कंपनियों में से एक टाटा पावर ने बोकारो में अपने अत्याधुनिक ईज़ी होम ऑटोमेशन सॉल्यूशंस लॉन्च किए। इस पहल के साथ शहर के लोगों को स्मार्ट, सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल जीवनशैली अपनाने का नया विकल्प मिला है। यह लॉन्च टाटा पावर और सूर्य मित्र एंटरप्राइजेज़ के समन्वित प्रयासों से पांडे ब्रिज के पास, चिरा चास, बोकारो में संपन्न हुआ।ईज़ी होम ऑटोमेशन सॉल्यूशंस के तहत स्मार्ट सॉकेट्स, टच पैनल स्विचेज़, रेट्रोफिटेबल स्मार्ट कन्वर्टर्स और मोशन सेंसर्स जैसे आधुनिक उत्पादों का व्यापक पोर्टफोलियो प्रदर्शित किया गया। ये समाधान ऐप-आधारित नियंत्रण की सुविधा देते हैं, जिससे लाइटिंग, ऊर्जा उपयोग और सुरक्षा को आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है।इन सॉल्यूशंस की प्रमुख विशेषताओं में रियल-टाइम ऊर्जा निगरानी, स्वचालित शेड्यूलिंग, ओवरलोड सुरक्षा और ऑफ़लाइन कार्यक्षमता शामिल है। इसके माध्यम से उपभोक्ता न केवल बिजली की खपत पर बेहतर नियंत्रण पा सकते हैं, बल्कि बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय बचत कर सकते हैं। साथ ही यह पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में भी सहायक है।टाटा पावर द्वारा बोकारो में स्थापित ईजी होम एक्सपीरियंस सेंटर शहरवासियों के लिए एक वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में कार्य करेगा, जहाँ वे स्मार्ट होम समाधानों को देख-समझ कर अपनी जरूरत के अनुसार चुन सकेंगे। झारखंड के प्रमुख औद्योगिक व आवासीय केंद्र बोकारो में यह लॉन्च भविष्य-सक्षम और ऊर्जा-कुशल समाधानों की दिशा में टाटा पावर की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
जेईई मेन के पहले सेशन में बोकारो के कुल 3479 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, 138 रहे अनुपस्थित
कदाचारमुक्त एवं सफल आयोजन को ले सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. गंगवार ने जताया आभार बोकारो। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित देश की प्रतिष्ठित संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य (जेईई मेन) गुरुवार को बोकारो में शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। 21 से 29 जनवरी की अवधि में यहां छह दिनों की परीक्षा में कुल आवंटित 3617 अभ्यर्थियों में 3479 ने परीक्षा दी। जबकि, 138 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए यहां दो केंद्र बनाए गए थे। पहला सेंटर चिकसिया (चास) में डॉ. एस. राधाकृष्णन बीएड कॉलेज के समीप बोकारो एजुकेशन ट्रस्ट कैंपस स्थित अल्फा आईसीटी सेंटर तथा दूसरा ग्वालाडीह मोड़, पुरुलिया रोड, चास स्थित क्रिसेन्ट लैब्स (क्रिसेन्ट पब्लिक स्कूल के निकट) बनाया गया था। अंतिम दिन केवल एक केन्द्र अल्फा आईसीटी सेंटर पर सिर्फ पहली पाली में पेपर 2ए (बी. आर्क), पेपर 2बी (बी.प्लानिंग) तथा पेपर-2ए और 2बी, दोनों की परीक्षाएं ली गईं। इसमें कुल आवंटित 49 परीक्षार्थियों में से 38 उपस्थित तथा 11 अनुपस्थित रहे। इसके पूर्व, परीक्षा के पहले दिन 21 जनवरी को कुल 676, दूसरे दिन 22 जनवरी को 695, 23 जनवरी को 692, 24 जनवरी को 694 तथा 28 जनवरी को कुल 644 अभ्यर्थी पेपर-1 (बीई/बीटेक) की परीक्षा में शामिल हुए। एनटीए के सिटी कोऑर्डिनेटर एवं डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने परीक्षा के सफल, सुचारू एवं कदाचारमुक्त आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए सभी केंद्राधीक्षकों, पर्यवेक्षकों तथा जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं पूर्णयता शांतिपूर्ण माहौल में हुईं। कहीं से भी किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं है। दोनों सेशन की परीक्षाएं देना विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद : डॉ. गंगवारसिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. गंगवार ने बताया कि अब आगामी 02 से 08 अप्रैल, 2026 की अवधि में जेईई मेन के दूसरे सत्र की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर संवारने को इच्छुक विद्यार्थियों के लिए जेईई मेन मुख्य आधार है। जेईई मेन का एग्जाम दो सत्रों में इसलिए करवाया जाता है, ताकि स्टूडेंट्स अगर एक सेशन में अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाएं तो दूसरे सत्र में वे फिर से अच्छा परसेंटाइल पाने की कोशिश कर सकें। अभ्यर्थियों के लिए स्कोर बढ़ाने का यह एक अच्छा मौका होता है। एनटीए दोनों सत्रों में से उसी सत्र का स्कोर फाइनल रिजल्ट में शामिल करता है, जिसमें परीक्षार्थी को ज्यादा अंक मिले होते हैं। लिहाजा, दोनों सेशन में एग्जाम देने से फाइनल रैंक सुधारने का अवसर मिलता है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को अवश्य लेना चाहिए।






