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मेहनत से खेतों में उगा रहे खुशहाली, बांसगाड़ी के किसानों को सिंचाई के पानी का इंतजार

बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड का बांसगाड़ी गांव, जहां किसानों की मेहनत और पसीने से खेतों में हरियाली की चादर बिछी है। यहां के किसान साल के बारहों महीने खेती में जुटे रहते हैं। खेतों में कहीं पत्तागोभी लहलहा रही है, तो कहीं फूलगोभी, बैंगन, आलू और दूसरी सब्जियां किसानों की मेहनत की कहानी बयां कर रही हैं। खेती ही यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य आधार है। इसी के दम पर किसान अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दिला रहे हैं। लेकिन विडंबना देखिए, मेहनत से खेतों को हरा-भरा रखने वाले इन किसानों को आज भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि बांसगाड़ी को आदर्श गांव का दर्जा तो दिया गया, लेकिन किसानों की बुनियादी समस्याएं अब भी बरकरार हैं। चंदनकियारी प्रखंड के बांसगाड़ी गांव के किसानों ने अपनी मेहनत और परिश्रम के बल पर खेती को अपनी पहचान बना लिया है। यहां बड़े पैमाने पर पत्तागोभी और फूलगोभी की खेती की जाती है। इसके अलावा बैंगन, आलू और मौसम के अनुसार दूसरी सब्जियां भी उगाई जाती हैं। साल के बारहों महीने खेतों में कृषि कार्य चलता रहता है। किसानों की मेहनत का ही नतीजा है कि खेती यहां के अनेक परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन बनी हुई है। बांसगाड़ी के किसान खेती को सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि अपने परिवार का भविष्य संवारने का जरिया मानते हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत कर किसान अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने का सपना भी पूरा कर रहे हैं।गांव के किसान मनोज सिंह, भोलू गोप और जितेंद्र रजवार बताते हैं कि यहां के किसान बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। पूरे साल खेती का काम चलता है और इसी से परिवारों की जरूरतें पूरी होती हैं। लेकिन किसानों की सबसे बड़ी परेशानी सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होना है। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सरकारी स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। किसान तालाब के पानी के सहारे अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। ऐसे में पानी की कमी खेती के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है। किसानों का कहना है कि यदि खेतों में डीप बोरिंग और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था हो जाए, तो सब्जियों की खेती को और बढ़ावा मिल सकता है। किसानों का आरोप है कि चुनाव के समय सांसद और विधायक खेतों तक पानी पहुंचाने तथा डीप बोरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि बांसगाड़ी गांव को आदर्श गांव घोषित किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को अब भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार है।बांसगाड़ी के किसान अपनी मेहनत से खेतों में हरियाली और परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब गांव के किसान खेती के जरिए अपनी तकदीर बदलने में जुटे हैं, तो उनकी मदद के लिए सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था कब होगी? आखिर कब इन किसानों को चुनावी वादों से आगे बढ़कर धरातल पर सुविधाएं मिलेंगी? अब देखना होगा कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन किसानों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

उपायुक्त अजय नाथ झा ने कालीबाड़ी और त्रिवेणी काली मंदिर में की पूजा-अर्चना

बोकारो। उपायुक्त अजय नाथ झा ने सोमवार शाम सेक्टर-8 स्थित कालीबाड़ी में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल होकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बोकारो जिले सहित पूरे झारखंड के लोगों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।इसके बाद उपायुक्त ने को-ऑपरेटिव स्थित त्रिवेणी काली मंदिर में मां काली की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने जिलेवासियों के मंगलमय जीवन, जनकल्याण और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना की।उपायुक्त ने कहा कि पर्व-त्योहार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं। उन्होंने जिलेवासियों को दुर्गा अष्टमी एवं महानवमी की शुभकामनाएं भी दीं।

खेत से युवक का कुचला हुआ शव बरामद, हत्या की आशंका

ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से निकला था अमित कुमार, परिजनों की तलाश के दौरान खेत में मिला शव बोकारो। बोकारो के माराफारी थाना क्षेत्र अंतर्गत झोपड़ी कॉलोनी में कृष्ण मंदिर के समीप स्थित एक खेत से पुलिस ने रविवार को एक युवक का शव बरामद किया। मृतक की पहचान झोपड़ी कॉलोनी निवासी त्रिलोकी शर्मा के पुत्र अमित कुमार के रूप में हुई है। युवक का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया है। हालांकि, हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।परिजनों के अनुसार, अमित कुमार घर से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उसका शव खेत में पड़ा मिला। इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।सूचना मिलने के बाद माराफारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक का चेहरा बुरी तरह कुचले होने के कारण घटना को लेकर कई आशंकाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण है, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

दुर्गा पूजा को लेकर डीसी-एसपी ने पूजा पंडालों का लिया जायजा

बोकारो। आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार शाम उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बोकारो स्टील सिटी के विभिन्न पूजा पंडालों एवं मेला परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, पंडालों की संरचनात्मक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूजा समितियां आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतें।पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने कहा कि पूजा एवं मेला परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा जाएगा।उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, निर्धारित कतारों में दर्शन करने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की। अभिभावकों से छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा उनके पास नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण वाली पर्ची रखने का भी आग्रह किया।जिला प्रशासन ने पूजा समितियों और आमजनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सकता है।

मेहनत से खेतों में उगा रहे खुशहाली, बांसगाड़ी के किसानों को सिंचाई के पानी का इंतजार

बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड का बांसगाड़ी गांव, जहां किसानों की मेहनत और पसीने से खेतों में हरियाली की चादर बिछी है। यहां के किसान साल के बारहों महीने खेती में जुटे रहते हैं। खेतों में कहीं पत्तागोभी लहलहा रही है, तो कहीं फूलगोभी, बैंगन, आलू और दूसरी सब्जियां किसानों की मेहनत की कहानी बयां कर रही हैं। खेती ही यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य आधार है। इसी के दम पर किसान अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दिला रहे हैं। लेकिन विडंबना देखिए, मेहनत से खेतों को हरा-भरा रखने वाले इन किसानों को आज भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि बांसगाड़ी को आदर्श गांव का दर्जा तो दिया गया, लेकिन किसानों की बुनियादी समस्याएं अब भी बरकरार हैं। चंदनकियारी प्रखंड के बांसगाड़ी गांव के किसानों ने अपनी मेहनत और परिश्रम के बल पर खेती को अपनी पहचान बना लिया है। यहां बड़े पैमाने पर पत्तागोभी और फूलगोभी की खेती की जाती है। इसके अलावा बैंगन, आलू और मौसम के अनुसार दूसरी सब्जियां भी उगाई जाती हैं। साल के बारहों महीने खेतों में कृषि कार्य चलता रहता है। किसानों की मेहनत का ही नतीजा है कि खेती यहां के अनेक परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन बनी हुई है। बांसगाड़ी के किसान खेती को सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि अपने परिवार का भविष्य संवारने का जरिया मानते हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत कर किसान अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने का सपना भी पूरा कर रहे हैं।गांव के किसान मनोज सिंह, भोलू गोप और जितेंद्र रजवार बताते हैं कि यहां के किसान बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। पूरे साल खेती का काम चलता है और इसी से परिवारों की जरूरतें पूरी होती हैं। लेकिन किसानों की सबसे बड़ी परेशानी सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होना है। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सरकारी स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। किसान तालाब के पानी के सहारे अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। ऐसे में पानी की कमी खेती के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है। किसानों का कहना है कि यदि खेतों में डीप बोरिंग और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था हो जाए, तो सब्जियों की खेती को और बढ़ावा मिल सकता है। किसानों का आरोप है कि चुनाव के समय सांसद और विधायक खेतों तक पानी पहुंचाने तथा डीप बोरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि बांसगाड़ी गांव को आदर्श गांव घोषित किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को अब भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार है।बांसगाड़ी के किसान अपनी मेहनत से खेतों में हरियाली और परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब गांव के किसान खेती के जरिए अपनी तकदीर बदलने में जुटे हैं, तो उनकी मदद के लिए सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था कब होगी? आखिर कब इन किसानों को चुनावी वादों से आगे बढ़कर धरातल पर सुविधाएं मिलेंगी? अब देखना होगा कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन किसानों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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उपायुक्त अजय नाथ झा ने कालीबाड़ी और त्रिवेणी काली मंदिर में की पूजा-अर्चना

बोकारो। उपायुक्त अजय नाथ झा ने सोमवार शाम सेक्टर-8 स्थित कालीबाड़ी में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल होकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बोकारो जिले सहित पूरे झारखंड के लोगों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।इसके बाद उपायुक्त ने को-ऑपरेटिव स्थित त्रिवेणी काली मंदिर में मां काली की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने जिलेवासियों के मंगलमय जीवन, जनकल्याण और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना की।उपायुक्त ने कहा कि पर्व-त्योहार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं। उन्होंने जिलेवासियों को दुर्गा अष्टमी एवं महानवमी की शुभकामनाएं भी दीं।

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खेत से युवक का कुचला हुआ शव बरामद, हत्या की आशंका

ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से निकला था अमित कुमार, परिजनों की तलाश के दौरान खेत में मिला शव बोकारो। बोकारो के माराफारी थाना क्षेत्र अंतर्गत झोपड़ी कॉलोनी में कृष्ण मंदिर के समीप स्थित एक खेत से पुलिस ने रविवार को एक युवक का शव बरामद किया। मृतक की पहचान झोपड़ी कॉलोनी निवासी त्रिलोकी शर्मा के पुत्र अमित कुमार के रूप में हुई है। युवक का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया है। हालांकि, हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।परिजनों के अनुसार, अमित कुमार घर से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उसका शव खेत में पड़ा मिला। इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।सूचना मिलने के बाद माराफारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक का चेहरा बुरी तरह कुचले होने के कारण घटना को लेकर कई आशंकाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण है, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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दुर्गा पूजा को लेकर डीसी-एसपी ने पूजा पंडालों का लिया जायजा

बोकारो। आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार शाम उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बोकारो स्टील सिटी के विभिन्न पूजा पंडालों एवं मेला परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, पंडालों की संरचनात्मक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूजा समितियां आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतें।पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने कहा कि पूजा एवं मेला परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा जाएगा।उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, निर्धारित कतारों में दर्शन करने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की। अभिभावकों से छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा उनके पास नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण वाली पर्ची रखने का भी आग्रह किया।जिला प्रशासन ने पूजा समितियों और आमजनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सकता है।

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प्रोजेक्ट जीविका के तहत ईएसएल स्टील की हितधारक कार्यशाला

महिला उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, सरकारी योजनाओं और विपणन की दी गई जानकारी बोकारो। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईएसएल स्टील लिमिटेड ने अपने सीएसआर कार्यक्रम प्रोजेक्ट जीविका के तहत जीविका सृजन शक्ति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ओएफपीओ) के 31 सदस्यों के लिए ईएसएल स्किल स्कूल में हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, संस्थागत सहयोग तथा व्यवसाय विस्तार के अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में जेएसएलपीएस-चास के बीपीएम आनंद राज, जिला उद्योग केंद्र के जिला समन्वयक किशोर कुमार रजक, आरसेटी के आनंद कुमार, डीआईसी-चंदनकियारी के प्रखंड समन्वयक नरेंद्र कुमार तथा जिला परिषद प्रतिनिधि रामपद रबीदास ने विभिन्न योजनाओं और उद्यमिता विकास से जुड़ी जानकारी साझा की। ईएसएल स्टील की सीएसआर टीम के वेद प्रकाश सिंह, शिवजी कुमार और कामेश्वर गोस्वामी सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रोजेक्ट जीविका के भावी रोडमैप, वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग, कौशल विकास, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन तथा नए आजीविका अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने सफल ग्रामीण महिला उद्यमियों के अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए अपने उद्यम को अधिक सशक्त बनाने के उपाय भी सीखे। कार्यक्रम के समापन पर जीविका सृजन शक्ति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बसंती देवी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में महिला उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। ईएसएल स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने कहा कि महिलाओं को ज्ञान, कौशल, बाजार और संस्थागत सहयोग से जोड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना कंपनी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट जीविका के माध्यम से ईएसएल स्टील सामुदायिक सहभागिता और सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

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फ़ाईल फोटो

बोकारो में 4 नए हाथी कॉरिडोर चिन्हित किए गए , इंसानी दखल से मुक्त कर सुरक्षित बनाया जाएगा

बोकारो। 2025-26 में हाथी व मानव संघर्ष के मामले में इजाफा हुआ है। इस साल जनवरी-फरवरी में महुआटांड थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कई लोग हाथियों के कुचलने से मारे गए. हाथी व मानव संघर्ष को देखते हुए सरकार ने हाथी विचरण क्षेत्र को इंसानी दखल से मुक्त रखने के लिए हाथी कॉरिडोर बनाने की दिशा में काम कर रही है. स्ट्रेटेजी एंड एक्शन प्लान फॉर कंजरवेशन ऑफ कॉरिडोर के तहत बोकारो जिला में 04 कॉरिडोर को चिन्हित किया गया है. चारों कॉरिडोर हाई प्रायॉरिटी में शामिल किया गया है. वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार के अनुसार जिला में पुन्नू-लुगुबुरू, पुन्नु-हिसिम-भस्की, जागेश्वर-गोस-पेंक व डुमरी-नावाडीह-चतरोचट्टी कॉरिडोर को हाथी के विचरण के लिए चिन्हित किया गया है. इन कॉरिडोर को लगभग 03 किमी चौड़ा बनाया जायेगा. जानकारी के मुताबिक कॉरिडोर में बांस समेत हाथियों के भोजन के उपयुक्त वनस्पति विकसित की जायेगी.साथ ही पानी का भंडारण किया जायेगा. जानकारी के मुताबिक बांस के अलावा कटहल, आम, जामुन समेत 90 प्रजातियों के पौधे लगाये जायेंगे. जरूरत के हिसाब से क्षेत्र की घेराबंदी भी होगी, ताकि आम लोगों का दखल उक्त क्षेत्र में नहीं हो.कॉरिडोर बनाने के लिए लंबे समय से प्राइवेट एजेंसी के जरिये सर्वे काम किया गया है. दो तरीका से मास्टर प्लान बनाया गया है. जंगलों में वन्यजीवों के संभावित कॉरिडोर्स की पहचान की गई है.भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से पहले से पहचाने गए कॉरिडोर्स के अलावा नए कॉरिडोर्स को भी सैटेलाइट इमेजरी व इसरो के भुवन पोर्टल के डेटा की मदद से जोड़ा गया है. जबकि, दूसरे चरण में मैदानी कामकाज के लिए है. इसके तहत हर कॉरिडोर के लिए अलग यूनिक स्टेट आईडी बनाई गई है.कॉरिडोर तीन स्तर में होगाजिला के चारों कॉरिडोर को 03 जोन में विकसित किया जायेगा. पहला जोन अति संवेदनशील होगा. यहां वन प्रबंधन के काम बड़े पैमाने पर होंगे. दूसरा मध्यम स्तर का जोन होगा, जहां लगातार निगरानी की जायेगी. सबसे बाहर वाले क्षेत्र में न्यूनतम हस्तक्षेप होगा. बताते चलें कि बीते 27 जुन को 30 हाथियों का झुंड अलग-अलग हिस्सों में बंटकर गोपो, पालू, बड़की पुन्नू, कुसुमडीह के आसपास मौजूद थी. इनमें से 02-03 हथिनी गर्भवती थी.भारत के हाथी कॉरिडोर-2023 में बोकारो की हुई थी अनदेखीवन व पर्यावरण मंत्रालय की ओर से 2023 में विश्व हाथी दिवस के मौके पर भारत के हाथी कॉरिडोर-2023 की रिपोर्ट पेश की गयी थी. ईस्ट सेंट्रल रिजन में झारखंड के हाथी कॉरिडोर की पहचान की गयी थी. राज्य के अंदर व दूसरे राज्य से गुजरने वाली हाथी कॉरिडोर के बारे में बताया गया था.राज्य के अंदर 16 कॉरिडोर की पहचान की गयी थी. वहीं बंगाल व ओडिशा व के साथ गुजरने वाली 04 कॉरिडोर के बारे में बताया गया था. लेकिन, इस रिपोर्ट में बोकारो जिला से होकर एक भी कॉरिडोर की पहचान नहीं की गयी थी. जबकि, बोकारो में हाथियों का विचरण लंबे समय से होता रहा है.

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एमटीआई रांची में आयोजित तृतीय सेल एचआर कॉन्क्लेव में बोकारो इस्पात संयंत्र की टीम को मिली सफलता

बोकारो। प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान (एमटीआई), रांची में दिनांक 22 एवं 23 जुलाई 2026 को आयोजित तृतीय सेल एचआर कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित अंतर-इकाई (इंटर-यूनिट) प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में बोकारो इस्पात संयंत्र की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की. इस कॉन्क्लेव का मुख्य विषय “बियोंड पॉलिसीज: एचआर एज द आर्किटेक्ट ऑफ परफॉर्मेंस कल्चर” रखा गया था. दो दिवसीय इस गरिमामय आयोजन का मुख्य उद्देश्य इस्पात प्राधिकरण में नीतियों से आगे बढ़कर एक उच्च प्रदर्शन संस्कृति के निर्माण में मानव संसाधन की भूमिका को रेखांकित करना था. कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों के दौरान प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान (एमटीआई), सेल के अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) द्वारा सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया गया. इसके उपरांत निदेशक (कार्मिक), सेल ने अपने संबोधन में संगठन के विकास में मानव संसाधन की रणनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला. सम्मेलन के दौरान अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, सेल द्वारा अपने मुख्य भाषण (की-नोट एड्रेस) में सभी अधिकारियों को प्रेरित करते हुए भविष्य के संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रदर्शन-उन्मुख संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया. कॉन्क्लेव में आयोजित अंतर-इकाई प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में बोकारो इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री एच. शेखर, सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीमती शिप्रा हेम्ब्रम तथा वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सुष्मिता सोरेन की टीम ने “बियोंड पॉलिसीज: एचआर एज द आर्किटेक्ट ऑफ परफॉर्मेंस कल्चर” विषय पर अपना प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया. टीम ने बीएसएल में लागू की जा रही जन-केंद्रित पहलों और कार्यसंस्कृति में आए सकारात्मक बदलावों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर यह शीर्ष स्थान अर्जित किया. यह उपलब्धि बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा अपने कार्मिकों के सशक्तिकरण, कार्यकुशलता में संवर्धन तथा एक सशक्त संगठनात्मक संस्कृति के निर्माण की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है. एमटीआई में प्राप्त यह सफलता न केवल बीएसएल की मानव संसाधन टीम के समर्पण को रेखांकित करती है, बल्कि संयंत्र के समग्र उत्पादन, गुणवत्ता एवं परिचालन उत्कृष्टता के लक्ष्यों को हासिल करने में भी एक उत्प्रेरक का कार्य करेगी. —

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CRISIL ने ESL Steel की AA/Stable रेटिंग बरकरार रखी, वेदांता समूह की स्टील रणनीति को मिला बड़ा भरोसा

बोकारो।झारखंड के बोकारो जिले स्थित सियालजोरी में संचालित ईएसएल स्टील लिमिटेड (ESL Steel) को बड़ी उपलब्धि मिली है। देश की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CRISIL ने कंपनी की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग AA/Stable को बरकरार रखते हुए उसे “Rating Watch with Developing Implications” श्रेणी से हटा दिया है। इसे वेदांता समूह के स्टील कारोबार की मजबूत रणनीति और ईएसएल स्टील की बेहतर होती वित्तीय एवं परिचालन स्थिति का प्रमाण माना जा रहा है।CRISIL ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ESL Steel, Vedanta Iron & Steel Limited (VISL) की दीर्घकालिक कारोबारी रणनीति का अहम हिस्सा है और आने वाले समय में यह कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील की आय में सबसे बड़ा योगदान देने वाली इकाई बन सकती है।रेटिंग एजेंसी के अनुसार, वेदांता समूह के ऐतिहासिक डीमर्जर के बाद किए गए व्यापक मूल्यांकन में ESL Steel की रणनीतिक भूमिका और समूह की ओर से मिल रहे मजबूत परिचालन, प्रबंधन एवं वित्तीय सहयोग को प्रमुख आधार माना गया है। कंपनी के दीर्घकालिक ऋण पर वेदांता आयरन एंड स्टील की बिना शर्त और अपरिवर्तनीय कॉर्पोरेट गारंटी भी इस रेटिंग को मजबूती प्रदान करती है।CRISIL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार तथा नकद एवं नकद समकक्ष में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि का भी उल्लेख किया है। एजेंसी का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी।इस उपलब्धि पर ESL Steel के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने कहा कि CRISIL द्वारा AA/Stable रेटिंग की पुनः पुष्टि कंपनी की परिचालन दक्षता, वित्तीय मजबूती और वेदांता आयरन एंड स्टील में उसकी रणनीतिक भूमिका की मान्यता है। उन्होंने कहा कि कंपनी परिचालन उत्कृष्टता, वित्तीय मजबूती और सतत विकास पर लगातार काम कर रही है, ताकि सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का सृजन किया जा सके।गौरतलब है कि ESL Steel Limited बोकारो के सियालजोरी में 1.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) क्षमता वाले एकीकृत इस्पात संयंत्र का संचालन करती है। यहां पिग आयरन, बिलेट, टीएमटी बार, वायर रॉड और डक्टाइल आयरन पाइप का उत्पादन किया जाता है, जिनका उपयोग देश के बुनियादी ढांचा, निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है। कंपनी नवाचार, परिचालन उत्कृष्टता और सतत विकास के माध्यम से देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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वेदांता लिमिटेड ने लॉन्च की “विविध वर्स” पत्रिका, जहां भारत की अनेक दुनिया और विविध दृष्टिकोण एक साथ मिलते हैं

बोकारो।वेदांता लिमिटेड ने गुरुवार को ‘विविध वर्स’ का अनावरण किया। यह एक लिमिटेड एडिशन, कलेक्टिबल और प्रीमियम द्विभाषी पत्रिका है, जो पहली बार भारत की कहानी कहने की परंपरा को अनदेखी, अनसुनी और सावधानीपूर्वक चुनी गई कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत करती है। इस पत्रिका में संस्कृति, सार्वजनिक नीति, उद्यमिता, एआई, खेल, जमीनी भारत और अन्य विषयों से जुड़ी विचारशील बातचीत और विशेष रूप से चुनी गई कहानियों को शामिल किया गया है। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया के बीच ‘विविध वर्स’ प्रिंट माध्यम में एक ऐसा दुर्लभ ठहराव प्रस्तुत करता है, जहां विचार खुलकर सामने आते हैं, कहानियां प्रेरित करती हैं और भारत के विविध अनुभव व दृष्टिकोण एक साथ जुड़ते हैं। प्रिंट और डिजिटल दोनों रूपों में उपलब्ध इस विशेष और अनूठी स्टोरीटेलिंग कलेक्टिबल की हर कड़ी भारत के गांवों, कक्षाओं, फैक्ट्री परिसरों, स्टार्टअप्स और सांस्कृतिक दुनिया से जुड़ी आवाज़ों को एक साथ पिरोती है। यह एक ओर देश की सदियों पुरानी परंपराओं को दर्शाती है, तो दूसरी ओर आगे बढ़ते भारत की नई आकांक्षाओं को भी सामने लाती है। इसमें कलाकारों, उद्यमियों, नीति निर्माताओं, नवाचारकर्ताओं और बदलाव लाने वाले लोगों के विचार शामिल हैं, जो आधुनिक भारत को नई दिशा दे रहे हैं। अपने फोरवर्ड संदेश में अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, वेदांता ग्रुप ने कहा, “राष्ट्र निर्माण केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े करने या अरबों डॉलर के व्यवसाय बनाने तक सीमित नहीं हो सकता। असल मायनों में यह अवसर पैदा करने, उद्योगों को बढ़ावा देने, महिलाओं को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि बच्चों को सही पोषण और शिक्षा मिले। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत की क्षमता पर विश्वास किया जाए और उसे एक मंच दिया जाए। ‘विविध वर्स’ इसी विश्वास से जन्मा है। यह विश्वास कि कहानियों में सोच बदलने और भविष्य को आकार देने की ताकत होती है।”“यह पत्रिका उन करोड़ों भारतीयों को समर्पित है, जो अपनी मेहनत से देश को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय में, जब अनिश्चितता और उम्मीद दोनों साथ मौजूद हैं, हमें शोर नहीं बल्कि स्पष्ट सोच की जरूरत है। यह पत्रिका उसी स्पष्टता की दिशा में एक कदम है,”

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राष्ट्रघाती आतंकवादी स्लीपर सेल की गहन जांच की मांग को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन

बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ और धर्मांतरण की साजिश को रोकने की मांग बोकारो :नासिक, महाराष्ट्र की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण के लिए दबाव, गोमांस खाने की मजबूरी और नमाज पढ़ने के जो चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, उनके पीछे की जहरीली जिहादी मानसिकता और संगठित अपराध को खत्म किया जाना चाहिए। ऐसी मांग हिंदू जनजागृति समिति ने की है। समिति का कहना है कि यह केवल नासिक तक सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई सहित देश की अन्य शाखाओं में फैला हुआ एक बड़ा ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ हो सकता है। इसके पीछे के ‘लव जिहाद’, ‘धार्मिक आतंक’ और ‘धर्मांतरण रैकेट’ की गहन जांच कर राष्ट्रव्यापी श्रृंखला का पर्दाफाश किया जाए, अन्यथा समिति जन-आंदोलन छेड़ेगी। यह चेतावनी हिन्दू जनजागृति समिति ने जिला उपायुक्त कार्यालय, बोकारो के माध्यम से राज्य प्रशासन तथा पुलिस को दिए गए एक ज्ञापन के माध्यम से दी है। आवेदन में लिखा है किउक्त कंपनी में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। नासिक में 7 मिले हैं, तो अन्य शहरों में कितने होंगे? यह एक बड़ा ‘कॉर्पोरेट षड्यंत्र’ हो सकता है। जिन कंपनियों में हिंदू महिलाओं की अस्मिता सुरक्षित नहीं है और जहाँ ‘धार्मिक आतंक’ पैदा किया जाता है, उन कंपनियों का व्यावसायिक लाइसेंस रद्द कर उन्हें सील कर दिया जाना चाहिए। साथ ही, सरकार को राज्य की सभी आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का तत्काल ‘विशेष सुरक्षा और धार्मिक भेदभाव विरोधी ऑडिट’ करने का आदेश देना चाहिए।इस अवसर पर समिति के पूर्व-पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक शंभू गवारे, रणजीत सिंह, राजेश कुमार सिंह एवं मधुरंजन सिंह, उपस्थित थे।

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