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बोकारो में 4 नए हाथी कॉरिडोर चिन्हित किए गए , इंसानी दखल से मुक्त कर सुरक्षित बनाया जाएगा

बोकारो।

2025-26 में हाथी व मानव संघर्ष के मामले में इजाफा हुआ है। इस साल जनवरी-फरवरी में महुआटांड थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कई लोग हाथियों के कुचलने से मारे गए. हाथी व मानव संघर्ष को देखते हुए सरकार ने हाथी विचरण क्षेत्र को इंसानी दखल से मुक्त रखने के लिए हाथी कॉरिडोर बनाने की दिशा में काम कर रही है. स्ट्रेटेजी एंड एक्शन प्लान फॉर कंजरवेशन ऑफ कॉरिडोर के तहत बोकारो जिला में 04 कॉरिडोर को चिन्हित किया गया है. चारों कॉरिडोर हाई प्रायॉरिटी में शामिल किया गया है.

वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार के अनुसार जिला में पुन्नू-लुगुबुरू, पुन्नु-हिसिम-भस्की, जागेश्वर-गोस-पेंक व डुमरी-नावाडीह-चतरोचट्टी कॉरिडोर को हाथी के विचरण के लिए चिन्हित किया गया है. इन कॉरिडोर को लगभग 03 किमी चौड़ा बनाया जायेगा. जानकारी के मुताबिक कॉरिडोर में बांस समेत हाथियों के भोजन के उपयुक्त वनस्पति विकसित की जायेगी.
साथ ही पानी का भंडारण किया जायेगा. जानकारी के मुताबिक बांस के अलावा कटहल, आम, जामुन समेत 90 प्रजातियों के पौधे लगाये जायेंगे. जरूरत के हिसाब से क्षेत्र की घेराबंदी भी होगी, ताकि आम लोगों का दखल उक्त क्षेत्र में नहीं हो.
कॉरिडोर बनाने के लिए लंबे समय से प्राइवेट एजेंसी के जरिये सर्वे काम किया गया है. दो तरीका से मास्टर प्लान बनाया गया है. जंगलों में वन्यजीवों के संभावित कॉरिडोर्स की पहचान की गई है.
भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से पहले से पहचाने गए कॉरिडोर्स के अलावा नए कॉरिडोर्स को भी सैटेलाइट इमेजरी व इसरो के भुवन पोर्टल के डेटा की मदद से जोड़ा गया है. जबकि, दूसरे चरण में मैदानी कामकाज के लिए है. इसके तहत हर कॉरिडोर के लिए अलग यूनिक स्टेट आईडी बनाई गई है.
कॉरिडोर तीन स्तर में होगा
जिला के चारों कॉरिडोर को 03 जोन में विकसित किया जायेगा. पहला जोन अति संवेदनशील होगा. यहां वन प्रबंधन के काम बड़े पैमाने पर होंगे. दूसरा मध्यम स्तर का जोन होगा, जहां लगातार निगरानी की जायेगी. सबसे बाहर वाले क्षेत्र में न्यूनतम हस्तक्षेप होगा. बताते चलें कि बीते 27 जुन को 30 हाथियों का झुंड अलग-अलग हिस्सों में बंटकर गोपो, पालू, बड़की पुन्नू, कुसुमडीह के आसपास मौजूद थी. इनमें से 02-03 हथिनी गर्भवती थी.
भारत के हाथी कॉरिडोर-2023 में बोकारो की हुई थी अनदेखी
वन व पर्यावरण मंत्रालय की ओर से 2023 में विश्व हाथी दिवस के मौके पर भारत के हाथी कॉरिडोर-2023 की रिपोर्ट पेश की गयी थी. ईस्ट सेंट्रल रिजन में झारखंड के हाथी कॉरिडोर की पहचान की गयी थी. राज्य के अंदर व दूसरे राज्य से गुजरने वाली हाथी कॉरिडोर के बारे में बताया गया था.
राज्य के अंदर 16 कॉरिडोर की पहचान की गयी थी. वहीं बंगाल व ओडिशा व के साथ गुजरने वाली 04 कॉरिडोर के बारे में बताया गया था. लेकिन, इस रिपोर्ट में बोकारो जिला से होकर एक भी कॉरिडोर की पहचान नहीं की गयी थी. जबकि, बोकारो में हाथियों का विचरण लंबे समय से होता रहा है.

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