Anil Kumar

ईएसएल स्टील ने एसडीजी-3 को आगे बढ़ाया : ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण के लिए एचआईवी

ईएसएल स्टील ने एसडीजी-3 को आगे बढ़ाया : ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण के लिए एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन बोकारो, 13 अक्टूबर 2025: अपने प्रमुख स्वास्थ्य पहल प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत ईएसएल स्टील लिमिटेड ने गिधतांड मोड़ (प्लांट गेट के पास) में एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया। यह शिविर सिटिज़न्स फाउंडेशन, वन स्टॉप ऑर्गनाइज़ेशन और जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया, जो समुदायों में स्वास्थ्य जागरूकता और सशक्तिकरण के प्रति ईएसएल की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। इस पहल के तहत लगभग 30 लाभार्थियों जिनमें ट्रक चालक और बाहरी श्रमिक शामिल थे को निःशुल्क और गोपनीय एचआईवी जांच, परामर्श तथा जागरूकता सत्र की सुविधा प्रदान की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था प्रारंभिक पहचान को बढ़ावा देना, सामाजिक कलंक को कम करना और एचआईवी की रोकथाम व उपचार के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना, ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सक्रिय कदम उठा सकें। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3-“अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण” के अनुरूप यह पहल, ईएसएल स्टील की इस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है कि हर व्यक्ति को स्वस्थ जीवन और बेहतर कल्याण का अधिकार मिले, खासकर निवारक स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से। प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत निरंतर प्रयासों के क्रम में, ईएसएल स्टील ने अब तक वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीन एचआईवी/एड्स जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं… मई, जुलाई और अक्टूबर 2025 में, क्रमशः गिधतांड मोड़ और प्लांट के गेट के पास में शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों से अब तक 100 से अधिक लाभार्थी, ट्रक चालक एवं बाहरी श्रमिक लाभान्वित हो चुके हैं, जिन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएं प्रदान की गईं। इस अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के सीएसआर हेड, कुनाल दारीपा ने कहा: “ईएसएल में हमारा मानना है कि असली प्रगति की शुरुआत अच्छे स्वास्थ्य से होती है। प्रोजेक्ट आरोग्य के माध्यम से हमारा उद्देश्य है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं हमारे समुदाय के सबसे दूरस्थ हिस्सों तक पहुँचे। यह एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान हमारे निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और एक अधिक जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

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ईएसएल स्टील लिमिटेड ने 33वें सीसीक्यूसी सम्मेलन में दर्ज की शानदार सफलता

नवाचार और टीमवर्क का अनोखा उत्सव बोकारो: ईएसएल स्टील लिमिटेड (वेदांता समूह) ने गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए 33वें चैप्टर कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स (CCQC) में शानदार प्रदर्शन किया।यह सम्मेलन क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के बोकारो चैप्टर द्वारा आयोजित किया गया था। कंपनी के लिए यह गर्व का क्षण रहा जब ईएसएल की सभी सात टीमों ने प्रतियोगिता का सर्वोच्च सम्मान “पार-एक्सीलेंस अवॉर्ड” जीतकर इतिहास रच दिया। इस वर्ष सम्मेलन में कुल 45 टीमों ने भाग लिया, जिनमें देश की प्रमुख संस्थाएँ — सेल (SAIL), आईटीसी (ITC), टाटा समूह, एक्सआईएसएस (XISS) और विवेक एजुकेशनल ग्रुप शामिल थीं। इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच ईएसएल की उपलब्धि ने टीमवर्क, रचनात्मकता और सतत सुधार की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। ईएसएल की यह सफलता एक सख्त आंतरिक चयन प्रक्रिया का परिणाम थी, जिसके तहत विभिन्न विभागों से 15 उत्कृष्ट काइज़न प्रोजेक्ट्स चुने गए। विशेषज्ञ जूरी ने नवाचार, क्रियान्वयन और प्रभाव के आधार पर मूल्यांकन कर सात सर्वश्रेष्ठ टीमों को कंपनी का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना। सभी टीमों ने मंच पर अपनी प्रतिभा और नवाचार से निर्णायकों को प्रभावित किया। ईएसएल प्रबंधन ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा — “यह उपलब्धि ईएसएल की उस संस्कृति को दर्शाती है जो सहयोग, रचनात्मकता और उत्कृष्टता पर आधारित है। हमारी टीमों ने साबित किया है कि जब जुनून उद्देश्य से मिलता है, तो सफलता निश्चित होती है।” इस सफलता के साथ ईएसएल स्टील लिमिटेड ने गुणवत्ता, दक्षता और कर्मचारी-प्रेरित नवाचार के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है, जो कंपनी की उस दृष्टि को साकार करता है —“जहाँ उत्कृष्टता एक संस्कृति है, सिर्फ लक्ष्य नहीं।” ईएसएल स्टील लिमिटेड के बारे में झारखंड के बोकारो जिले के सियालजोरी गांव में स्थित, ईएसएल स्टील लिमिटेड वेदांता समूह की एक प्रमुख इकाई है।1.5 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाला यह संयंत्र पिग आयरन, बिलेट्स, टीएमटी बार, वायर रॉड और डक्टाइल आयरन पाइप जैसे उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादों का निर्माण करता है।

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समग्र शिक्षा अभियान के तहत दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का किया गया आयोजन

पेटरवार : पेटरवार बोकारो जिला शिक्षा पदाधिकारी जगन्नाथ लोहारा के निर्देश पर पेटरवार प्रखंड सह अंचल कार्यालय पेटरवार के सभागार में संपर्क फाउंडेशन के द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के तहत दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में पेटरवार प्रखंड के 50 विद्यालयों को संपर्क टी. वी. उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षण में जिन विद्यालयों को टी वी उपलब्ध कराया गया, उन सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विद्यालयों में लगाए गए स्मार्ट बोर्ड, एलईडी टीवी , गणित किट एवं अन्य शिक्षण उपकरणों के उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर बताया गया कि इन आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से बच्चों की सीखने की प्रक्रिया और भी प्रभावी व रुचिकर बनेगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा तकनीक, व्यवहारिक उदाहरणों और रचनात्मक शिक्षण वीडियो से परिचित करना है। ताकि विद्यार्थी विषय को सहजता से समझा सके। शिक्षण में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना ।

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केसीसी लॉन से किसान कृषि कार्य के साथ कई अन्य व्यवसाय भी कर सकते हैं : बीडीओ

गोमिया। गोमिया प्रखंड कार्यालय के सभागार में बुधवार को बीडीओ महादेव कुमार महतो एवं एलडीएम आबिद हुसैन ने कृषक मित्रो तथा किसानों के साथ बैठक किया। इस बैठक में प्रखंड के कई बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बीडीओ महादेव कुमार महतो ने कहा कि किसानों को कृषि कार्य गुणवत्ता पूर्ण रूप करने के लिए बैंकों द्वारा केसीसी लॉन उपलब्ध कराया जाता है। इस पैसे को अगर सही ढंग से उपयोग करते हुए समय पर लॉन को चूकता कर दिया जाता है, तो उन्हें ब्याज भी नहीं देना पड़ता है। इसी प्रकार केसीसी लॉन से किसान कई अन्य व्यवसाय भी कर सकते हैं। एलडीएम आबिद हुसैन ने कहा कि किसानों की सहायता के लिए बैंकों द्वारा जीरो पर्सेंट ब्याज पर लॉन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन उन्हें समय पर लॉन को चूकता करना होगा। बैंको द्वारा दिए गए लॉन को सही समय चूकता करने के बाद पुनः किसान कृषि लॉन ले सकते हैं। इस दौरान बैंक ऑफ इंडिया गोमिया शाखा द्वारा सात किसानों को केसीसी लॉन उपलब्ध कराया गया। मौके पर एटीएम शंकर यादव, बीओ दीपनारायण रजवार, पंसस सुशीला देवी सहित कई बैंकों के प्रतिनिधि एवं कृषक मित्र रामचंद प्रसाद, नारायण गोप आदि उपस्थित थे।

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डॉ. यू. मोहंती की स्मृति में हेल्पिंग हैंड्स ने आयोजित किया रक्तदान शिविर

बोकारो, बुधवार। हेल्पिंग हैंड्स चास-बोकारो इकाई की ओर से बुधवार को सदर अस्पताल, बोकारो में डॉ. यू. मोहंती की याद में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक सदस्य गोपाल मुरारका ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सह हेल्पिंग हैंड्स के अध्यक्ष राजेश ठाकुर उपस्थित थे। राजेश ठाकुर ने स्वर्गीय डॉ. यू. मोहंती के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर 35 युवाओं ने रक्तदान किया। मुख्य अतिथि ठाकुर ने कहा कि डॉ. यू. मोहंती का समाज के प्रति योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा, “एक स्वस्थ व्यक्ति साल में तीन बार रक्तदान कर कई जिंदगियां बचा सकता है। रक्तदान महादान है और इससे बड़ा कोई दान नहीं।” उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान कर मानवता की सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान गोपाल मुरारका ने कहा कि डॉ. यू. मोहंती जैसे व्यक्तित्व को सच्ची श्रद्धांजलि रक्तदान के माध्यम से ही दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी नहीं आती, बल्कि व्यक्ति और अधिक स्वस्थ महसूस करता है। सदर अस्पताल की ब्लड इंचार्ज मैथिली ठाकुर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराता है और हेल्पिंग हैंड्स संस्था का यह सामाजिक योगदान सराहनीय है। शिविर में रक्तदान करने वालों में संजय सोनी, नीरज सिंह, अनिमेष कुमार, गौरव मुरारका, विनीत गोयल, अंबु कुमार, दिलीप अग्रवाल, प्रताप जायसवाल, अभय अग्रवाल, गौतम कर्मकार, रूप गोस्वामी, विशाल कुमार, इंडिया कुमार महतो, गोविंद कुमार, अंजनी कुमार, काशीनाथ दास, दीपक जालान, अक्षत पांडे, एमडी अब्दुल्लाह रहमान, सुशील कुमार, राजकुमार सोनी, संतोष मिश्रा, अमित कुमार, गोपाल अग्रवाल, विजय शर्मा, सिद्धांत कुमार सहित कई युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महासचिव चंद्रपाल चांदनी, अनूप पांडे, रंजीत कुमार, राजेंद्र चौधरी, के.के. मधु, जवाहर माहथा, जमील अंसारी, संजय सोनी, सहित संस्था के कई सदस्य उपस्थित रहे।

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सीआईएसएफ में ऐतिहासिक मानव संसाधन सुधारः समय पर पदोन्नति और पसंद आधारित पोस्टिंग से बना और अधिक मजबूत व खुशहाल बल

बेरमो। सीआईएसएफ ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मानव संसाधन सुधार अभियान चलाते हुए समय पर पदोन्नति और पसंद आधारित पोस्टिंग की पारदर्शी नीति लागू की है, जिसने हजारों बलकर्मियों की वर्षों से लंबित आकांक्षाओं को साकार कर दिया। बीते एक वर्ष में 13,520 अराजपत्रित और 406 राजपत्रित अधिकारियों को पदोन्नति दी गई, जबकि विभागीय पदोन्नति समितियों की कार्यवाही वर्ष की शुरुआत में ही संपन्न कर ली गई, जिससे रिक्ति उपलब्ध होते ही पदोन्नति संभव हो सकी। वहीं पोस्टिंग नीति के अंतर्गत सेवानिवृत्ति के करीब कर्मियों, महिला कर्मियों और दंपतियों को प्राथमिकता दी गई, जिसके परिणामस्वरूप 86% पोस्टिंग कर्मियों की पसंद के अनुरूप हुई और शिकायतों में 66% की कमी दर्ज की गई। इस नीति ने न केवल बलकर्मियों का विश्वास बढ़ाया बल्कि उनके मनोबल और संतुष्टि को भी नए आयाम दिए। सीआईएसएफ इकाई बीटीपीएस, बोकारो के इकाई प्रभारी श्री अरुण प्रसाद ई ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि एक कल्याणकारी और दूरदर्शी पहल है, जिसने बल को और अधिक मजबूत, सतर्क तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाया है।

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बोकारो में आदिवासी समाज ने निकाली विशाल रैली,

कुर्मी समाज को एसटी में शामिल करने का किया विरोध बोकारो:बुधवार को कुर्मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में आदिवासी समाज ने बोकारो में जोरदार रैली निकाली। बिरसा मुंडा नया मोड़ चौक पर जिले के विभिन्न इलाकों से हजारों आदिवासी एकत्र हुए और जुलूस की शक्ल में उपायुक्त कार्यालय तक मार्च किया। रैली के दौरान आदिवासी समाज ने सरकार को चेतावनी दी कि उनकी संस्कृति, पहचान और अधिकारों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।आदिवासी नेताओं ने कहा कि कुर्मी समाज की एसटी में शामिल किए जाने की मांग उनके अधिकार और अस्तित्व पर हमला है। महिला आदिवासी नेता अंबिका बाँसकेय ने कहा, “हम कुर्मी समाज से दुश्मनी नहीं रखते, लेकिन हमारी पूजा, परंपरा और भाषा अलग है। जंगल, पेड़ और पत्थर से हमारा संबंध हमारी पहचान है। इसे खतरे में नहीं आने देंगे।”रैली में जयपाल नगर, बिरसा वासा, गुमला नगर, बांसगोड़ा सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।आंदोलन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए, उपायुक्त कार्यालय क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया और आसपास की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया।यह रैली राज्यव्यापी आदिवासी आक्रोश महारैली अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 19 सितंबर को चाईबासा से हुई थी और यह अभियान 25 अक्टूबर को घाटशिला में समाप्त होगा। बोकारो की रैली ने इस आंदोलन को नई गति दी है।

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बोकारो में अवैध बालू तस्करी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाईमोहनपुर और तसरकुआं नदी क्षेत्र में छापामारी, 1500 घनफीट बालू व 1000 घनफीट स्टोन चिप्स जब्त

बोकारो : चंदनकियारी प्रखंड के बरमसिया ओपी क्षेत्र स्थित मोहनपुर एवं लखीपुर गांव के बीच तसरकुआं नदी से चल रही अवैध बालू तस्करी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में सामने आई शिकायतों के बाद उपायुक्त अजय नाथ झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। उपायुक्त के निर्देश पर बुधवार को खनन विभाग के खान निरीक्षक सीताराम टुडू और अजय कुमार महतो के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ संयुक्त छापामारी अभियान चलाया गया। इस दौरान मोहनपुर तसरकुआं नदी के समीप लगभग 1500 घनफीट बालू और 1000 घनफीट स्टोन चिप्स अवैध रूप से भंडारित पाए गए, जिन्हें विधिवत रूप से जब्त कर लिया गया। खनन विभाग ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध बालू, स्टोन या अन्य खनिज पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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घर–घर में हस्तशिल्प की हो शुरुआत, आत्मनिर्भर बने बोकारोः उपायुक्त

मगध बैंक्वेट हॉल में हस्तशिल्प प्रदर्शनी सह बिक्री मेले का उपायुक्त ने किया उद्घाटन, 16 अक्टूबर तक रहेगा आयोजन बोकारो, प्रतिनिधि। चास स्थित मगध बैंक्वेट हॉल में मंगलवार शाम हस्तशिल्प प्रदर्शनी सह बिक्री मेला का उद्घाटन उपायुक्त अजय नाथ झा ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह मेला 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें चंदनकियारी समेत विभिन्न प्रखंडों, पड़ोसी जिलों के स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण शिल्पकारों, जनजातीय कलाकारों और महिला उद्यमियों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर डीडीएम नाबार्ड फिलमोन बिलुंग, हस्तशिल्प सेवा केंद्र देवघर के सहायक निदेशक शत्रुघ्न कुमार, सचिव जनजागरण केंद्र संजय कुमार सिंह, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। ‘मिट्टी–माटी बोकारो की पहचान है’ : उपायुक्तउद्घाटन समारोह में उपायुक्त झा ने कहा कि बोकारो की असली पहचान इसकी मिट्टी, संस्कृति और मेहनतकश लोगों में है। उन्होंने कहा कि जिले के हर घर में किसी न किसी रूप में कला और शिल्प की परंपरा रही है, जिसे पहचान और बाजार से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “घर–घर में हस्तशिल्प की शुरुआत हो, हर परिवार आत्मनिर्भर बने।” उन्होंने इसे स्वाभिमान और सृजनशीलता का उत्सव बताते हुए कहा कि यह छोटी शुरुआत कल बड़े आयोजन का मार्ग प्रशस्त करेगी। उपायुक्त ने घोषणा की कि जिले के सभी नौ प्रखंडों में इसी तरह की हस्तशिल्प प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी ताकि ग्रामीण कलाकारों, कुम्हारों, बुनकरों और महिला समूहों को प्रोत्साहन मिल सके। किसानी संस्कृति और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को बढ़ावाउपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन “मिट्टी–माटी बोकारो की पहचान” थीम पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य किसानी संस्कृति को पुनर्जीवित करना और स्थानीय संसाधनों से बने उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की खरीदारी करें, जिससे रोजगार और आत्मनिर्भरता को बल मिले। रात्रि पाठशाला में दी जाएगी व्यवसायिक शिक्षाउपायुक्त ने जानकारी दी कि दिशोम गुरू की स्मृति में शुरू होने वाली रात्रि पाठशालाओं में व्यवहारिक व व्यवसायिक शिक्षा दी जाएगी, ताकि गांवों में शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल का भी विकास हो। जनजातीय संस्कृति और कला को मिलेगा प्रोत्साहनउन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनजातीय कला और लोकसंस्कृति के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। जिले के सभी कला केंद्रों में पारंपरिक वाद्य यंत्र और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही 4–5 नवंबर को लुगुबुरू घंटाबाड़ी धोरोमगढ़ महोत्सव में जनजातीय संस्कृति का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। वाइब्रेंट बोकारो की दिशा में प्रयासउपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य बोकारो को वाइब्रेंट जिला बनाना है, जहां खेल, कला, संस्कृति, प्रदर्शनियों और जनसहभागिता के माध्यम से समाज में रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का वातावरण बने। उन्होंने शिल्पकारों और महिला समूहों को बधाई देते हुए कहा, “स्थानीय उत्पाद खरीदें, स्थानीय कारीगरों का सम्मान करें, तभी आत्मनिर्भर बोकारो की परिकल्पना साकार होगी।” जानकारी के अनुसार, यह आयोजन राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के अंतर्गत बिरसा क्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (बीसीपीसीएल) द्वारा किया गया है। मेले में बांस, लकड़ी, तसर, मिट्टी और अन्य पारंपरिक हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

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मतदाता सूची को विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदान का अधिकार छीनना बन्द करो : हरिपद

भारत के चुनाव आयोग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोगों को अपनी जन्मतिथि/ जन्मस्थान सिद्ध करना होगा, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे लोगों को अपनी जन्मतिथि और माता – पिता में से किसी एक की जन्मतिथि/जन्म स्थल सिद्ध करना होगा, 1987 से पहले बैंक या डाकघर खाते या जीवन बीमा पॉलिसी जैसे दस्तावेजों ही मान्य माने जाने से जन साधारण लोगों की मतदाता सूची से बंचित के सवाल पर गुरुवार को एसयूसीआई कम्युनिस्ट पार्टी की और से चन्दनकियारी प्रखण्ड के नेताजी सुभाष चौक चंदनकियारी में नुक्कड़ सभा कर लोगों के बीच मतदाता सूची पुनरीक्षण की ड्राफ्ट को पाठ सुनाते हुए लोगों को जागरूक किया गया। वही पार्टी लोकल कमिटी सचिव गोपाल महतो ने कहा कि केन्द्र सरकार के इशारे में चुनाव आयोग मतदाता सूची के नाम दर्ज में एनआरसी जैसी जटिल प्रक्रिया अपनाई है। जिसे देश के अधिकांशतः लोग वंचित हो जाएंगे। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। मौके पर धुर्जोति घोष हाबुलाल महतो, हरिपद महतो, बंशीधर महतो, हामिद अंसारी, संजय कालिंदी, कालीपद हांसदा , नुनीबाला उरांव आदि मौजूद रहे।

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