कोयला और पत्थर पर पुलिस मेहरबान ,बालु पर हुआ शख्त ।
लालचंद महतो
बेरमो ऊर्जांचल में खनिज पदार्थों पर से कारोबारों की नजर टकटकी लगी ले बैठी है। कहीं कोयले का अवैध खनन तो कहीं कोयले की चोरी ,कहीं सफेद पत्थर का अवैध उत्खनन और बेरमो अनुमंडल में अवस्थित दामोदर ,बोकारो-कोनार नदी से अवैध बालू का खनन व ढुलाई पर रोक लगाने में खान विभाग से लेकर पुलिस-प्रशासन तथा सीसीएल व बीसीसीएल प्रबंधन व इनकी सुरक्षा टीम पूरी तरह से बिफल साबित हो रही हैं। जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा कोल इंडिया प्रबंधन ने अवैध खनन व ढुलाई पर अंकुश लगाने की दिशा में सख्त निर्देश दिया हुआ है, बावजूद देखरेख करने वाले विभागों की ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। मेन रोड फुसरो बाजार स्थित एक ही कैंपस में बेरमो पुलिस अंचल निरीक्षक कार्यालय तथा अपग्रेड हुआ बेरमो थाना व बेरमो महिला थाना सहित बोकारो थर्मल ,कथारा ओपी ,गांधीनगर थाना सीसीएल के सभी खनन क्षेत्रों संतरी प्रहरी की तरह है । जबकि नावाडीह ,पेंक-नारायणपुर ,गोमिया और तेनुघाट ओपी मुख्य सड़क में बसा रहने के बावजूद थाना से होकर अवैध कोयले की ढुलाई साइकिल से लेकर मोटर साइकिल और ट्रक तक में अक्सर देखी जा सकती है। इसके लिए फुसरो के पांच नंबर धौड़ा व खेतको ,ऊपरघाट के बरई आस-पास कच्चा व पोड़ा कोयला की ढेर मिल जायेगी। यहां से तो चार चक्का वाहनों से कोयले की ढुलाई कर ली जाती है। वहीं रानीबाग में भी कच्चा कोयला का भंडार है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कोयला जब्त किया जाता है, धंधेबाजों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। वहीं बेरमो के बालु बंकर ,खेतको ,चलकरी ,गोमिया बोकारो नदी से बालू की ढुलाई भी ट्रैक्टरों द्वारा रात में धड़ल्ले से व दिन के उजाले में होती है। पेटरवार ,पेंक-नारायणपुर और नावाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत में तो कोयले का अवैध खनन किया जाता रहा है जबकि सीसीएल के खाशमहल, जारंगडीह ,गोविंदपुर से कोयला चोरी कर काछो,बरई,पिलपिलो ,चपरी ,खेतको में लाकर जगह-जगह जमा किया जाता है। फिर यहां से ऊपरघाट के पिलपिलो-नारायणपुर- बंशि -मोचरो रोड़ ,कंजकिरो-बुढगढडा-पेंक रोड़ , तेनुघाटकारो नहर रोड पर से होकर साइकिल व मोटर साइकिलों के द्वारा ढुलाई की जाती है। वहीं पिछरी, अंगवाली, चलकरी व खेतको से दामोदर नदी से अवैध बालू का खनन कर ट्रैक्टरों से ढुलाई तेनु-बोकारो नहर रोड पर से सुबह व शाम के वक्त जमकर चलता है । उपरोक्त उल्लेख थाना क्षेत्रों में अवैध कोयला व बालू का खनन तथा ढुलाई इस कदर होती है कि यह कहना बिलकुल भी गलता नहीं होगा कि माफियाओं की रोक-टोक करनेवालों से मिलीभगत नहीं होगी। बोकारो जिले में नए पुलिस कप्तान हरिवंदर सिंह आए हैं ,लेकिन कोई कार्रवाई की पहल अबतक दिखाई दे नही रहा है ,हां सच देखा जाय तो पलिस इन दिनों में कोयला और पत्थर पर पुलिस मेहरबान है वहीं,बालु पर शख्त हैं। सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र के कई थाना इसलिए बदनाम भी हैं।








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