कसमार प्रखंड के टांगटोना पंचायत भवन में किशोरियों एवं युवा महिलाओं को जीवन कौशल एवं कानूनी सहायता पर सहयोगिनी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान घरेलू हिंसा, मानव तस्करी बाल विवाह, पोक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, फोस्टर केयर, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं मौलिक अधिकारों के बारे में जानकारी किया गया ।
इस दौरान बेरमो कोर्ट की अधिवक्ता कल्याणी ने बताया कि महिलाओं के हित में कई प्रकार के कानून है , जिसे हमें जानना बेहद जरूरी है । सबसे पहले तो हमारे संविधान में जो मौलिक अधिकार दिए गए हैं जिसमें समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार सहित 6 मूलभूत अधिकार है । हमारे मौलिक अधिकार का हनन होने पर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटिशन दे सकते हैं ।
प्रशिक्षक ने बताया कि पोक्सो कानून 18 साल से कम उम्र के बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक भावनात्मक हिंसा के शिकार होने से कानूनी तौर पर संरक्षित करता है। कोई भी व्यक्ति अगर किसी नाबालिक के साथ छेड़छाड़ , जबरदस्ती परेशान करता या गलत तरीके से छेड़ना, गंदे चित्र दिखाना, गलत तरीके से इशारा करना, बल पूर्वक बलात्कार का प्रयास करना कानूनी अपराध है।
घरेलू हिंसा एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में चर्चा करते हुए बताया गया कि 18 साल से कम उम्र में लड़की एवं 21 साल से कम उम्र में लड़के की शादी कानूनन जुर्म है, अगर कोई बाल विवाह करवाता है या करवाने में सहयोग करता हे तो उन्हें भी जेल की सजा भी सकती है।
उन्होंने बताया कि आईपीसी की धारा 498A विवाहित महिला को उसके पति या ससुराल पक्ष के द्वारा की गई क्रूरता से संरक्षित करता है। जो कोई भी पति या उसके रिश्तेदार विवाहित महिला के साथ क्रूरता करता है, तो उसे 3 साल की सजा (कारावास) और जुर्माना का भागी होना पड़ेगा।
टांगटोना पंचायत की मुखिया सुमित्रा देवी कहा कि किशोरियों एवं महिलाओं को अपने हक अधिकार के लिए आगे आना होगा। सभी को कदम से कदम मिला कर अभी प्रकार के हिंसा के खिलाफ़ एकजुद होना होंगा। इसके लिए कानूनी जानकारी भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के लिए किशोरावस्था सबसे महत्वपूर्व समय होता है जहां पर अपने कैरियर एवं जीवन को आप लोग बेहतर बना सकते हैं।
सहयोगिनी संस्था के समन्वयक प्रकाश कुमार महतो ने बताया कि सहयोगिनी संस्था कसमार प्रखंड के 30 गांवों में किशोरियों एवं युवा महिलाओं के संवर्धन एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने को लेकर काम कर रही है। इन गांवों में किशोरियों एवं महिलाओं को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाए जैसे सावित्री बाई फूले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना, कन्या दान योजना, स्कॉलरशिप, साइकिल योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं कौशल विकास से जोड़ कर उनके जीवन को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। जीवन कौशल के प्रशिक्षण से उनके अंदर संचार कौशल, निर्णय लेने एवं समस्या का समाधान करने के गुणों को विकसित किया जा रहा है। खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
एनिमेटर रेखा देवी ने बताया कि किशोरियों के साथ समूह बना कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने एवं विभिन्न प्रकार के हिंसा से रोकथाम को लेकर कार्य कर रहे है।
मौके पर मुखिया सुमित्रा देवी , पंचायत समिति सदस्य प्रिया कुमारी, ममता कुमारी ,पूजा कुमारी ,षष्ठी कुमारी ,बिंदु कुमारी, कल्पना कुमारी, पायल कुमारी, उर्मिला कुमारी ,सुरभि कुमारी, डोली कुमारी ,मधु कुमारी ,आरती कुमारी,प्राची कुमारी, सुमा देवी, होलिका देवी, सरस्वती सिंह,अनु देवी, कुंती देवी,गुड़िया देवी, बसंती देवी,रुनीता देवी , इंद्रजीत कुमार नायक,प्रमोद कुमार नायक आदि उपस्थिति रहे।








Leave a Reply