कसमार प्रखंड के बगियारी मोड़ के पास कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य से जुड़े स्टॉक यार्ड सह मिक्सिंग प्लांट को लेकर सोमवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब तड़के करीब चार बजे स्टॉक यार्ड परिसर और उसके आसपास आठ से दस बिजली पोल के तार टूटकर गिर जाने से कसमार और जरीडीह प्रखंड के पांच दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। अचानक अंधेरे में डूबे गांवों में सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बिजली गुल होने की खबर फैलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में बगियारी मोड़ और सबस्टेशन मोड़ के पास जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर एक्सप्रेसवे निर्माण एजेंसी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्टॉक यार्ड और मिक्सिंग प्लांट में लगातार चल रही भारी गाड़ियों की लापरवाही के कारण बिजली के तार टूटे, लेकिन कंपनी ने घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट परिसर में कंपनी की गाड़ियों के अलावा किसी अन्य वाहन का प्रवेश नहीं होता, ऐसे में हादसे से पल्ला झाड़ना पूरी तरह गलत है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में एक और गंभीर सवाल खड़ा किया। हाईटेंशन विद्युत लाइन के ठीक नीचे स्टॉक यार्ड और मिक्सिंग प्लांट आखिर किसकी अनुमति से बनाया गया? लोगों का कहना था कि यह न सिर्फ नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि किसी बड़े जानलेवा हादसे को भी न्योता देने जैसा है। जेएलकेएम के जिलाध्यक्ष अमरलाल महतो ने कहा कि यदि समय रहते स्थिति नहीं संभाली जाती तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी इस घटना को दबाने का प्रयास कर रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इधर, सड़क जाम और प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने केवल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग ही नहीं उठाई, बल्कि एक्सप्रेसवे निर्माण से जुड़े अन्य स्थानीय मुद्दों को भी सामने रखा। लोगों ने निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने की मांग की और बगियारी मोड़ में इंटरचेंज निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इंटरचेंज के अभाव में कसमार और आसपास के क्षेत्रों को इस राष्ट्रीय परियोजना का कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पा रहा है। मौके पर समाजसेवी तपन कुमार झा, जेएलकेएम जिलाध्यक्ष अमरलाल महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर महतो, पूर्व मुखिया रामसेवक जायसवाल, भाजपा नेता तुलसीदास जायसवाल, भाकपा माले नेता शकुर अंसारी, पूर्व पंसस उपेंद्र जायसवाल, राजेश कुमार राय, श्रृष्टिधर महतो, शुभम झा, घनश्याम महतो, इब्राहिम अंसारी, तनवीर आलम, लालू प्रसाद झा, चंडी झा, रवि घांसी, विशाल ठाकुर, अमरेश ठाकुर, रोहित महतो आदि मौजूद थे. वहीं, विधायक प्रतिनिधि मो शेरे आलम ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली तथा कहा कि कंपनी की इस तरह की लापरवाही भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
इधर, घटना की सूचना मिलने पर विभागीय एसडीओ अमित कुमार खेस और जेई गणेश रविदास मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर विद्युत कर्मियों ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया, जिसके बाद शाम करीब चार बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। निरीक्षण के बाद एसडीओ अमित कुमार खेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना अनुमति हाईटेंशन लाइन के नीचे मिक्सिंग प्लांट और स्टॉक यार्ड का संचालन नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने, ऊंचे रेल पोल लगाने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाएगा। हालांकि बिजली बहाल हो जाने से लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। मौके पर विद्युत कर्मी घनश्याम महतो, नकुल पाल, शब्बीर अंसारी, दिलदार अंसारी, संजय कपरदार, रोहित नायक, विनोद कपरदार, कन्हैया गोस्वामी, निवारण गोस्वामी आदि मौजूद थे|
हाईटेंशन लाइन के नीचे स्टॉक यार्ड बना विवाद की जड़, बगियारी मोड़ पर जनाक्रोश फूटाएक्सप्रेसवे एजेंसी की लापरवाही से कसमार-जरीडीह के 60 गांव अंधेरे में, सड़क जाम कर किया विरोध










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