राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सोमवार को कसमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हृदय रोग से संभावित बच्चों की विशेष जांच की गई। इस दौरान बोकारो जिला प्रशासन, सीसीएल एवं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से पांच बच्चों का निःशुल्क इको (इक्को) टेस्ट किया गया।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. साईं कृष्णा एवं कार्यक्रम समन्वयक गौरव ने बताया कि बच्चों में यदि तेज धड़कन, सांस लेने में तकलीफ, वजन नहीं बढ़ना, शरीर में पीलापन या स्तनपान के समय अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह जन्मजात हृदय रोग का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में समय रहते हृदय की जांच कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि आरबीएसके योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में जाकर बच्चों की प्रारंभिक जांच करती हैं। जांच के दौरान हृदय रोग से संबंधित लक्षण पाए जाने पर बच्चों को चिन्हित कर इको टेस्ट कराया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों का हैदराबाद स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में निःशुल्क इलाज किया जाता है।
जानकारी दी गई कि कसमार प्रखंड में कुल 16 बच्चों में हृदय रोग से जुड़े लक्षण पाए गए थे, लेकिन सूचना देने के बावजूद सोमवार को केवल पांच बच्चे ही जांच के लिए पहुंचे। चिकित्सकों ने इसे परिजनों की लापरवाही बताते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार नहीं होने से बच्चों को भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मौके पर चिकित्सा प्रभारी डॉ मो नवाब, आरबीएसके चिकित्सक डॉ बिपिन कुमार, डॉ परमेश्वर कुमार, डॉ पवन कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
कसमार सीएचसी में जन्मजात हृदय रोग की जांच, पांच बच्चों का निःशुल्क इको टेस्टजिला प्रशासन, सीसीएल और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की संयुक्त पहल










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