बोकारो। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बोकारो ने सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर 2ए संगोष्ठी सह कवि गोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जगन्नाथ शाही ने कहा संघ के कार्यकर्ता घर-घर प्रवास कर जन-जन को राष्ट्रहित में जोड़ने का प्रयत्न कर रहे हैं।संघ पञ्च परिवर्तन को प्रत्येक जन- मन में राष्ट्रहित में सकारात्मक भाव जागरण करने को थाना है। संघ राष्ट्र सर्वोपरि को उद्देश्य मन कर प्रत्येक जन के मन में राष्ट्रहित में सकारात्मक भाव भरने को ठाना है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री पवन पुत्र बादल ने कहा साहित्य समाज के लिए जिस जिस चीज की आवश्यकता होती है वह सब करता है। ऋग्वेद विश्व का प्राचीनतम साहित्य है जो समाज में न्यूनता को समाप्त करता है महानता को उत्पन्न करता है। दीप प्रज्वलन तथा अतिथियों का सम्मान कार्यक्रम के बाद प्रांत के कोने-कोने से आए साहित्यकारों और कवियों का स्वागत करते हुए बोकारो जिला के परिषद के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र कुमार राय ने कहा साहित्य समाज और राष्ट्र की दिशा तय करता है । चंद वरदाई ने अपने काव्य के माध्यम से पृथ्वीराज चौहान के शत्रु का वध करा दिया जब-जब राजनीति डगमगाती है तो साहित्य ही उसका संबल होता है। तीसरे सत्र में काव्य गोष्ठी में कवियों ने काव्य रसधारा बहाया। इस अवसर पर डाॅ. आशा पुष्प, अमृता शर्मा, गीता कुमारी, क्रांति श्रीवास्तव, रीना यादव, सोनी कुुमारी, ज्योति वर्मा, नीलम झा, कल्पना केसर, कनक लता, करूणा कलिका, कस्तुरी सिन्हा, डाॅ आशा पुष्प, निलम झा, रेणूका सिन्हा, ज्योर्तिमय डे, नीता सहाय, रिंकू गिरी, नरेन्द्र कुमार राय, रजत नाथ, लव कुमार, अनिल कुमार श्रीवास्तव, बीएन गोस्वामी, डीएन सिंह, दीनानाथ ठाकुर, अशोक पारस, भगवान पाठक, सत्यदेव तिवारी, पीएल बर्णवाल व गंगेश कुमार पाठक काव्य पाठ करेगे।कार्यक्रम के संयोजक डाॅ विजय प्रकाश हैं। आयोजन समिति में बीएन गोस्वामी, लव कुमार, कस्तूरी सिन्हा, दीनानाथ ठाकुर व अंकित उपाध्याय और निवेदक डाॅ. नरेन्द्र कुमार राय व दयानंद सिंह है।








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