#HerAtTheCore अभियान की शुरुआत, औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को अवसर देने की पहल
बोकारो, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वेदांता ग्रुप ने संगठन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर 35 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य तय किया है। इस पहल के तहत कंपनी ने #HerAtTheCore नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है और लिंक्डइन के माध्यम से विशेष हायरिंग ड्राइव भी शुरू की है, जिसके जरिए महिलाओं को खनन, धातु, तेल एवं गैस, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
उद्योग से जुड़े हालिया सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2023–24 में विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत रही, जबकि खनन और धातु जैसे मुख्य क्षेत्रों में यह आंकड़ा करीब 6 प्रतिशत ही है। ऐसे में वेदांता का यह अभियान उद्योग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वेदांता समूह में वर्तमान में महिलाओं की हिस्सेदारी कुल कार्यबल का लगभग 23 प्रतिशत है, जो उद्योग के औसत से अधिक है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस भागीदारी को बढ़ाकर 35 प्रतिशत और आगे चलकर 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि भारत की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए देश की प्रतिभा को समान अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वेदांता में महिलाओं की भागीदारी अभी 23 प्रतिशत है, लेकिन यह केवल शुरुआत है। कंपनी ऐसी व्यवस्थाएं और तकनीक विकसित कर रही है, जिससे महिलाएं औद्योगिक क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।
वेदांता की समावेशन रणनीति में आधुनिक तकनीक का भी अहम योगदान है। ऑटोमेशन, डिजिटल ऑपरेशंस सेंटर और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित और कौशल आधारित बनाया जा रहा है, जहां प्रदर्शन का मूल्यांकन क्षमता के आधार पर किया जाता है, न कि लिंग के आधार पर।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने अग्रिम पंक्ति के औद्योगिक कार्यों में भी अवसर उपलब्ध कराए हैं। ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित वेदांता एल्युमिनियम स्मेल्टर में पूरी तरह महिलाओं की एक टीम उत्पादन लाइन संचालित कर रही है। इसके अलावा महिलाएं बिजली उत्पादन, सुरक्षा संचालन और लोकोमोटिव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
महिलाओं के लिए सहयोगी कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कंपनी मातृत्व अवकाश के बाद रिटर्नशिप कार्यक्रम, फ्लेक्सिबल कार्य व्यवस्था, नेतृत्व विकास कार्यक्रम और आधुनिक टाउनशिप में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा बाल देखभाल जैसी सुविधाएं भी प्रदान कर रही है।
इस अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के डिप्टी सीईओ एवं होल टाइम डायरेक्टर रवीश शर्मा ने कहा कि कंपनी ऐसे कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जहां महिलाएं सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल संगठन को मजबूत बनाती है, बल्कि उद्योग के समग्र विकास को भी नई दिशा देती है।







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