उत्कृष्टता को लक्ष्य बनाने का आह्वान
बोकारो। शुक्रवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रामरुद्र सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, चास, बोकारो में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। जब विद्यालय के नाम में ही ‘एक्सीलेंस’ निहित है, तो विद्यार्थियों का लक्ष्य भी हर परिस्थिति में उत्कृष्टता प्राप्त करना होना चाहिए।
राज्यपाल महोदय ने कहा कि विद्यार्थियों से न केवल उनके अभिभावकों, बल्कि पूरे समाज को बड़ी अपेक्षाएँ हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा समय के महत्व को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सीखी गई छोटी-छोटी आदतें—जैसे समय पर आना, नियमित अभ्यास करना और अनुशासन बनाए रखना—आगे चलकर जीवन में सफलता की मजबूत आधारशिला बनती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सपने वे नहीं होते जो नींद में देखे जाते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो उन्हें पूरा किए बिना सोने नहीं देते। उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, आत्मविश्वास, परिश्रम और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने तथा अध्ययन एवं आत्म-विकास पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी।
राज्यपाल महोदय ने अपने संघर्षशील जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि जब वे दो वर्ष के भी नहीं थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और आज जो भी हैं, उसमें उनकी माता के आशीर्वाद और संघर्ष का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियाँ भी व्यक्ति को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं, यदि उसके भीतर दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो।
संवाद के क्रम में उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से एकाग्र होकर पढ़ाई करने का संदेश देते हुए कहा कि अनावश्यक विषयों में ध्यान भटकाना स्वयं के साथ अन्याय करने जैसा है।
राज्यपाल महोदय ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का मूल आधार उसकी शिक्षा प्रणाली होती है। राज्य में बारहवीं तक की शिक्षा की स्थिति अच्छी है, किंतु उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभी और सुधार की आवश्यकता है, जिस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के त्याग को स्मरण रखने तथा शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया। अंत में राज्यपाल महोदय ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो, तो वे उन्हें पत्र लिखकर अवगत करा सकते हैं।







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